पृष्ठे

शुक्रवार, १० एप्रिल, २०२६

अफसाना खुबसुरत मोड पे छोडणा अच्छा

वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन. उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा.

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

टिप्पणी पोस्ट करा